Thu. May 19th, 2022

हिन्दी व्याकरण

आधुनिक हिन्दी भाषा में अक्षर विन्यास में भिन्नता जैसे कि हम अङ्ग्रेज़ी (अङ्गल) भाषा के विस्तार की गाथा को देखते हैं और पाते हैं कि... Read More
Punctuation marks in Hindi (प्रमुख विराम-चिह्न) पूर्ण विराम – वाक्य के समाप्त होने पर यह चिह्न लगाया जाता है। इससे वाक्य के पूर्ण होने का... Read More
विराम-चिह्न (Punctuation Marks) वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करने के लिए जो चिह्न लगाये जाते हैं, उन्हें विराम-चिह्न कहा जाता है। ‘विराम’ का अर्थ है ‘रुकना’।... Read More
विस्मयादिबोधक अव्यय (Kinds of Hindi Interjections) विस्मयसूचक – वाक्य में विस्मय (आश्चर्य) के भाव का प्रकट होना। जैसे –1. अरे ! कहाँ से आ रहे... Read More
जिस अव्यय से हर्ष, घृणा, आश्चर्य, शोक, दुःख, करुणा आदि भावों का प्रकट होना प्रतीत हो उसे विस्मयादिबोधक अव्यय कहा जाता है। जैसे – वाह!... Read More
दो शब्दों, वाक्याँशों अथवा वाक्यों को जोड़ने का कार्य करने वाले अव्यय को भाषा में समुच्चयबोधक अव्यय कहा जाता है। जैसे – राम और शाम... Read More
सम्बन्धबोधक अव्यय (Preposition in Hindi) संज्ञा या सर्वनाम के अन्त लगा हुआ शब्द जो उसका सम्बन्ध वाक्य में प्रयुक्त अन्य शब्दों के साथ कराता हो, उसे... Read More
क्रिया विशेषण (Adverb, Kriya Visheshan in Hindi) जो शब्द क्रिया या क्रिया विशेषण की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण कहा जाता है। जैसे- गाड़ी... Read More
क्रिया एक विकारी शब्द है। कर्ता के लिङ्ग, वचन और पुरुष के अनुसार उसके रूप में परिवर्तन होता रहता है। लिङ्ग का प्रभाव – क्रिया... Read More
संज्ञा या सर्वनाम शब्दों का वाक्य में क्रिया के साथ जो सम्बन्ध पाया जाता है, उसे ही हम कारक कहते हैं जैसे पक्षी को आखेटक ने... Read More
महत्व पूर्ण नियम जिनसे एकवचन से बहुवचन बना लिये जाते हैं (Important Rules of Changing Masculine into Feminine) – पुल्लिङ्ग शब्द से (From Masculine) –... Read More

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